पदभार संभालते ही डीजीपी अजय सिंघल एक्शन मोड में, प्रदेशभर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक
- By Gaurav --
- Friday, 02 Jan, 2026
DGP Ajay Singhal swings into action mode as soon as he assumes charge;
हरियाणा के नव-नियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पदभार ग्रहण करते ही राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने की दिशा में निर्णायक पहल की। डीजीपी ने प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी पहली समीक्षा बैठक आयोजित की, जो लगभग तीन घंटे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चली।
इस व्यापक बैठक में पुलिस आयुक्तों, रेंज आईजी, जिलों के पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अधिकारी सहित करीब 700 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
हर जिले से दो दिन में कार्ययोजना तलब
बैठक के दौरान डीजीपी अजय सिंघल ने सभी जिलों की जमीनी स्थिति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
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अपराध नियंत्रण
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ट्रैफिक प्रबंधन
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नशा व नारकोटिक्स
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साइबर अपराध
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फिरौती से जुड़े मामले
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सुरक्षा व्यवस्था व संवेदनशील मुद्दे
पर प्रत्येक जिला दो दिनों के भीतर निर्धारित फॉर्मेट में ठोस और समयबद्ध “प्लान ऑफ एक्शन” भेजेगा।
“हर जिले की समस्या अलग, समाधान भी उसी अनुसार” — डीजीपी
डीजीपी अजय सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा पुलिस पूरी निष्ठा से नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए कार्य कर रही है, लेकिन बदलती चुनौतियों के अनुरूप पुलिसिंग को और अधिक प्रोफेशनल व परिणामोन्मुखी बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा,
“हर जिले की समस्याएं अलग-अलग प्रकृति की होती हैं। हमें उनकी जड़ों तक जाकर समाधान करना होगा, ताकि किसी भी समस्या को गंभीर बनने से पहले ही समाप्त किया जा सके। पुलिसिंग आप सभी जानते हैं, अब इसे प्रोफेशनल पुलिसिंग में बदलना हमारा लक्ष्य है।”
उन्होंने पुलिस आयुक्तों और रेंज आईजी को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ एसपी स्तर के अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें कर फील्ड में आ रही चुनौतियों की समीक्षा और समाधान सुनिश्चित करें।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, ईमानदार पुलिसिंग पर जोर
डीजीपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरियाणा पुलिस उनका परिवार है और इससे जुड़ा हर अधिकारी-कर्मचारी उनके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन कुछ भ्रष्ट तत्वों के कारण पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और सभी पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के लालच से दूर रहकर ईमानदारी और निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं का किया उल्लेख
डीजीपी ने बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा पुलिस से उच्चस्तरीय कार्य संस्कृति और परिणामोन्मुखी पुलिसिंग की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपराध और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस को पूर्ण सहयोग और फ्री-हैंड दिया है।
जन-शिकायत निवारण और लापता बच्चियों पर विशेष फोकस
डीजीपी अजय सिंघल ने आमजन की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक संवेदनशील, मजबूत और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
इसके साथ ही जिलों में लापता बच्चियों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए कि—
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इस संबंध में विस्तृत डेटा तैयार किया जाए
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विशेष टीमें गठित कर प्राथमिकता के आधार पर तलाश की जाए
उन्होंने इसे परम प्राथमिकता का विषय बताया।
अपराध के विभिन्न मोर्चों पर सख्ती
डीजीपी ने ढाबों पर अवैध हथियार, ट्रैफिक जाम, अवैध शराब, नशा तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों, प्रॉपर्टी अपराध और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही सूचना तंत्र मजबूत करने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और फील्ड-लेवल सक्रिय पुलिसिंग पर विशेष बल दिया।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीजीपी हरदीप दून, एडीजीपी (CID) सौरभ सिंह, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, आईजी राकेश आर्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।